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Ashoka
 ಪ್ರಧಾನ ಮುಖ್ಯ ಆಯುಕ್ತರು, ಕೇಂದ್ರ ತೆರಿಗೆ, ಬೆಂಗಳೂರು ವಲಯ  
 प्रधान मुख्य आयुक्त, केंद्रीय कर, बेंगलुरु अंचल 

PRINCIPAL CHIEF COMMISSIONER OF CENTRAL TAX

BENGALURU ZONE KARNATAKA

वस्तु एवं सेवा कर, बेंगलूर अंचल (बें.अं) में आपका स्वागत है

दिनांक 01.07.2017 से शुरू हुई बेंगलोर केंद्रीय कर अंचल, जो भारत सरकार, वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग, केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड के अधीन कार्यरत है, वह कर्नाटक राज्य में वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम 1944 एवं वित्त अधिनियम 1944 के प्रशासन के लिए क्षेत्रीय केंद्रीय कर प्राधिकरण है । अभी तक इस अंचल को बेंगलूर केंद्रीय उत्पाद शुल्क अंचल नाम से माना जाता है जो बेंगलूर नगर, बेंगलूर ग्रामीण,कोलार, चिक्कबल्लापुर, रामनगरा, तुमकूर, चित्रादुर्गा, दावणगरे और हवेरी सहित 9 राजस्व जिलों के केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा कर संग्रहण संबंधी प्रशासनिक दायित्व निभा रहा था । केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क द्वारा बोर्ड दिनांक 22/6/2017 से किए गए पुन: संरचना के फलस्वरूप तत्कालीन मैसूर अंचल का विलयन बेंगलूर अंचल में कर दिया गया और वर्तमान में बेंगलूर अंचल का क्षेत्राधिकार संपूर्ण कर्नाटक राज्य पर है । वर्तमान में बेंगलूरु केंद्रीय कर अंचल के प्रमुख्ज, प्रधान मुख्य आयुक्त स्तर के अधिकारी है । इस अंचल के अधीन 8 कार्यकारी आयुक्तालय यानि बेंगलूर पूरब, बेंगलूर पश्चिम, बेंगलूर उत्तर, बेंगलूर दक्षिण, बेंगलूर उत्तर पश्चिम, मैसूरु, मंगलुरु एवं बेलागावी, 4 संपरीक्षा आयुक्तालय यानि संपरीक्षा बेंगलूर-1, संपरीक्षा बेंगलूर-2, मैसूरु संपरीक्षा, बेलागावी संपरीक्षा एवं 4 अपील आयुक्तालय यानि अपील-1 बेंगलूर, अपील-2 बेंगलूर, अपील मैसूरु, अपील बेलागावी कार्यरत हैं ।

श्री डी.पी. नागेंद्र कुमार, आईआरएस का संदेश

प्रधान मुख्य आयुक्त, केंद्रीय कर, बेंगलूरु अंचल

हम आनेवाले कुछ ही दिनों में जी.एस.टी. के पहले पूर्ण वित्तीय वर्ष को पूरा करने के जा रहे हैं, और जीएसटी को एक अच्छा सा कर्षण मिलने लग रहा है चूंकि हम इसकी दूसरी वर्षगांठ को चिह्नित करने के करीब हैं । जी.एस.टी. ने अपनी सभी प्रतिपुष्टि (फीडबैक) और उपस्थिति के जरिए प्रशासन व भारत में अप्रत्य.क्ष कर के भुगतान से संबंधित मामलों को आसान कर दिया है। यह निस्संदेह रूप से है, व्यायपार में क्षेत्रों की बड़ी संख्याए के लिए उत्पाेदकता में अधिक लाभ के साथ साथ रसद संजाल में दक्षता को जोड़ा है । व्यापार और उद्योग के अधिकांश क्षेत्रों के लिए समग्र कर भार अब जीएसटी के पूर्व के युग की तुलना में बहुत कम है । कर भुगतान से जुड़ी प्रणालियां और प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी, जवाबदेह हैं तथा उम्मीद है कि ये सभी और आनेवाले समय में परिवर्तन, भारत में व्यापार और उद्योग की प्रतिस्पर्धा में शामिल होते रहेंगे। 1 अप्रैल, 2019 से नए सरलीकृत जीएसटी रिटर्न फॉर्म जारी किए जाएंगे । पिछले वर्ष जुलाई में, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने जीएसटी रिटर्न फॉर्म 'सहज' और 'सुगम' के मसौदों को सार्वजनिक डोमेन पर रख दिए तथा सार्वजनिक टिप्पणियों की मांग की । ये फॉर्म जीएसटीआर-3बी (सारांश बिक्री रिटर्न फॉर्म) और जीएसटीआर-1 (अंतिम बिक्री रिटर्न फॉर्म) की जगह लेंगे । अन्यत्र, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्माणाधीन किफायती और गैर-किफायती आवासों पर दर में कटौती के लिए तैयार किए गए परिपत्रों पर चर्चा और पारित करने के लिए दिनांक 19 मार्च 2019 को 34वीं जीएसटी परिषद की बैठक आयोजित की गई । परिषद ने आवासीय इकाइयों के लिए नई कर संरचना के कार्यान्वयन के लिए संक्रमण योजना को स्वीपकृति दे दी है । सभी संभावनाओं में, जीएसटी परिषद मई 2019 में आम चुनावों के समापन के बाद ही मिल सकती है । जैसे कि हम वित्तीय वर्ष के करीब आ गए हैं, मैं आपसे आग्रह करना चाहूंगा कि आप अपने जीएसटी भुगतान और रिटर्न दायर करने में विधिवत प्रयास करें । जीएसटी का संचालन अच्छी तरह से किया जाता है यदि संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र और इस के साथ जुड़े व्य क्तिगण एक सुंदर समकालिकता में कार्य करने से होगा - लेकिन यह मात्र, सभी संबंधितों के प्रयास, परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठ कार्रवाई के साथ ही हो सकता है । हम बेंगलूरु अंचल में, हमेशा की तरह, आपके साथ काम करने और जीएसटी से जुड़े मामलों में आपकी सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं । हम जीएसटी के सच्चे वादे और क्षमता को साकार करने में आपके सक्रिय सहयोग और सहायता की आशा करते हैं । जय हिन्द

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